हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Harivansh Rai Bachchan - Agneepath | हरिवंश राय बच्चन - अग्निपथ | Poetry

हरिवंश राय बच्चन जी की यह कविता ज़िंदगी के मुश्किल से मुश्किल समय में भी एक प्रेरणा देती रहती है।  इस कविता को उनके बेटे अमिताभ बच्चन की फिल्म अग्निपथ (१९९०) में उपयोग किया गया है जो उस फिल्म की कहानी पर बिलकुल खरी उतरती है।  इसके बाद साल २०१२ में इस फिल्म के रीमेक में भी इस कविता का इस्तेमाल किया गया है।  

वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत, माँग मत,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

यह महान दृश्य है,
चल रहा मनुष्य है,
अश्रु श्वेत रक्त से,
लथपथ लथपथ लथपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

**************************************
In Roman Script

Vraksha Ho Bhale Khade
Ho Ghane Ho Bade,
Ek Patra Chhah Bhi, 
Maang Mat, Maang Mat, Maang Mat
Agneepath Agneepath Agneepath

Tu Na Thakega Kabhi,
Tu Na Rukega Kabhi
Tu Na Mudega Kabhi,
Kar Shapath, Kar Shapath, Kar Shapath
Agneepath Agneepath Agneepath

Yah Mahaan Drishya Hai,
Chal Raha Manushya Hai,
Ashroo Shawet Rakht Se,
Lathpath Lathpath Lathpath
Agneepath Agneepath Agneepath

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Harivansh Rai Bachchan - Agneepath | हरिवंश राय बच्चन - अग्निपथ | Poetry

हरिवंश राय बच्चन जी की यह कविता ज़िंदगी के मुश्किल से मुश्किल समय में भी एक प्रेरणा देती रहती है।  इस कविता को उनके बेटे अमिताभ बच्चन की फिल्म अग्निपथ (१९९०) में उपयोग किया गया है जो उस फिल्म की कहानी पर बिलकुल खरी उतरती है।  इसके बाद साल २०१२ में इस फिल्म के रीमेक में भी इस कविता का इस्तेमाल किया गया है।  

वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत, माँग मत,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

यह महान दृश्य है,
चल रहा मनुष्य है,
अश्रु श्वेत रक्त से,
लथपथ लथपथ लथपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

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In Roman Script

Vraksha Ho Bhale Khade
Ho Ghane Ho Bade,
Ek Patra Chhah Bhi, 
Maang Mat, Maang Mat, Maang Mat
Agneepath Agneepath Agneepath

Tu Na Thakega Kabhi,
Tu Na Rukega Kabhi
Tu Na Mudega Kabhi,
Kar Shapath, Kar Shapath, Kar Shapath
Agneepath Agneepath Agneepath

Yah Mahaan Drishya Hai,
Chal Raha Manushya Hai,
Ashroo Shawet Rakht Se,
Lathpath Lathpath Lathpath
Agneepath Agneepath Agneepath

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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