हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Firaq Gorakhpuri - Jo Baat Hai Hadd Se Badh Gayi Hai | फ़िराक़ गोरखपुरी - जो बात है हद से बढ़ गयी है | Ghazal

जो बात है हद से बढ़ गयी है
वाएज़(1) के भी कितनी चढ़ गई है

हम तो ये कहेंगे तेरी शोख़ी
दबने से कुछ और बढ़ गई है

हर शय ब-नसीमे-लम्से-नाज़ुक(2)
बर्गे-गुले-तर से बढ़ गयी है

जब-जब वो नज़र उठी मेरे सर
लाखों इल्ज़ाम मढ़ गयी है


तुझ पर जो पड़ी है इत्तफ़ाक़न
हर आँख दुरूद(3) पढ़ गयी है

सुनते हैं कि पेंचो-ख़म(4) निकल कर
उस ज़ुल्फ़ की रात बढ़ गयी है

जब-जब आया है नाम मेरा
उसकी तेवरी-सी चढ़ गयी है

अब मुफ़्त न देंगे दिल हम अपना
हर चीज़ की क़द्र बढ़ गयी है

जब मुझसे मिली ‍फ़ि‍राक वो आँख
हर बार इक बात गढ़ गयी है

~ फ़िराक़ गोरखपुरी

1- उपदेशक, 2- कोमल हवा के स्पर्श से, 3- दुआ का मन्त्र, 4- टेढ़ापन

Popular Posts

Firaq Gorakhpuri - Jo Baat Hai Hadd Se Badh Gayi Hai | फ़िराक़ गोरखपुरी - जो बात है हद से बढ़ गयी है | Ghazal

जो बात है हद से बढ़ गयी है
वाएज़(1) के भी कितनी चढ़ गई है

हम तो ये कहेंगे तेरी शोख़ी
दबने से कुछ और बढ़ गई है

हर शय ब-नसीमे-लम्से-नाज़ुक(2)
बर्गे-गुले-तर से बढ़ गयी है

जब-जब वो नज़र उठी मेरे सर
लाखों इल्ज़ाम मढ़ गयी है


तुझ पर जो पड़ी है इत्तफ़ाक़न
हर आँख दुरूद(3) पढ़ गयी है

सुनते हैं कि पेंचो-ख़म(4) निकल कर
उस ज़ुल्फ़ की रात बढ़ गयी है

जब-जब आया है नाम मेरा
उसकी तेवरी-सी चढ़ गयी है

अब मुफ़्त न देंगे दिल हम अपना
हर चीज़ की क़द्र बढ़ गयी है

जब मुझसे मिली ‍फ़ि‍राक वो आँख
हर बार इक बात गढ़ गयी है

~ फ़िराक़ गोरखपुरी

1- उपदेशक, 2- कोमल हवा के स्पर्श से, 3- दुआ का मन्त्र, 4- टेढ़ापन
SHARE

Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image