हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Jaun Elia - Ajab Tha Uski Dilzari Ka Andaz | जॉन एलिया - अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़ | Ghazal

"जॉन एलिया - अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़" हिंदी लिपि में 


अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़, वो बरसों बाद जब मुझ से मिला है
भला मैं पूछता उससे तो कैसे, मताए-जां तुम्हारा नाम क्या है?

साल-हा-साल और एक लम्हा, कोई भी तो न इनमें बल आया
खुद ही एक दर पे मैंने दस्तक दी, खुद ही लड़का सा मैं निकल आया


दौर-ए-वाबस्तगी गुज़ार के मैं, अहद-ए-वाबस्तगी को भूल गया
यानी तुम वो हो, वाकई, हद है, मैं तो सचमुच सभी को भूल गया

रिश्ता-ए-दिल तेरे ज़माने में, रस्म ही क्या निबाहनी होती
मुस्कुराए हम उससे मिलते वक्त, रो न पड़ते अगर खुशी होती

दिल में जिनका निशान भी न रहा, क्यूं न चेहरों पे अब वो रंग खिलें
अब तो खाली है रूह, जज़्बों से, अब भी क्या हम तपाक से न मिलें

शर्म, दहशत, झिझक, परेशानी, नाज़ से काम क्यों नहीं लेतीं
आप, वो, जी, मगर ये सब क्या है, तुम मेरा नाम क्यों नहीं लेतीं

Jaun Elia - Ajab Tha Uski Dilzari Ka Andaz in Roman Transcript


Ajab Tha Uski Dilzaari Ka Andaaz, Woh Barso Baad Jab Mujhse Mila Hai
Bhala Main Poochta Usse To Kaise, Mataye-Ja Tumhara Naam Kya Hai?

Saal-Ha-Saal Aur Ek Lamha, Koi Bhi To Na Inme Bal Aaya
Khud Hi Ek Dar Pe Maine Dastak Di, Khud Hi Ladka Sa Main Nikal Aaya

Daur-E-Wabastagi Guzar Ke Main, Ahad-E-Wabastagi Ko Bhool Gaya
Yani Tum Woh Ho, Waqai, Hadd Hai, Main To Sachmuch Sabhi Ko Bhool Gaya

Rishta-E-Dil Tere Zamane Mein, Rasm Hi Kya Nibhani Hoti
Muskuraye Hum Usse Milte Waqt, Ro Na Padte Agar Khushi Hoti

Dil Mein Jinka Nishaan Bhi Na Raha, Kyun Na Chehron Pe Ab Woh Rang Khile
Ab To Khali Hai Rooh, Jazbo Se, Ab Bhi Kya Hum Tapaak Se Mile

Sharm, Dehshat, Jhijhak, Pareshani, Naaz Se Kaam Kyon Nahi Leti
Aap, Woh, Ji, Magar Yeh Sab Kya Hai, Tum Mera Naam Kyon Nahi Leti

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"जॉन एलिया - अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़" हिंदी लिपि में 


अजब था उसकी दिलज़ारी का अन्दाज़, वो बरसों बाद जब मुझ से मिला है
भला मैं पूछता उससे तो कैसे, मताए-जां तुम्हारा नाम क्या है?

साल-हा-साल और एक लम्हा, कोई भी तो न इनमें बल आया
खुद ही एक दर पे मैंने दस्तक दी, खुद ही लड़का सा मैं निकल आया


दौर-ए-वाबस्तगी गुज़ार के मैं, अहद-ए-वाबस्तगी को भूल गया
यानी तुम वो हो, वाकई, हद है, मैं तो सचमुच सभी को भूल गया

रिश्ता-ए-दिल तेरे ज़माने में, रस्म ही क्या निबाहनी होती
मुस्कुराए हम उससे मिलते वक्त, रो न पड़ते अगर खुशी होती

दिल में जिनका निशान भी न रहा, क्यूं न चेहरों पे अब वो रंग खिलें
अब तो खाली है रूह, जज़्बों से, अब भी क्या हम तपाक से न मिलें

शर्म, दहशत, झिझक, परेशानी, नाज़ से काम क्यों नहीं लेतीं
आप, वो, जी, मगर ये सब क्या है, तुम मेरा नाम क्यों नहीं लेतीं

Jaun Elia - Ajab Tha Uski Dilzari Ka Andaz in Roman Transcript


Ajab Tha Uski Dilzaari Ka Andaaz, Woh Barso Baad Jab Mujhse Mila Hai
Bhala Main Poochta Usse To Kaise, Mataye-Ja Tumhara Naam Kya Hai?

Saal-Ha-Saal Aur Ek Lamha, Koi Bhi To Na Inme Bal Aaya
Khud Hi Ek Dar Pe Maine Dastak Di, Khud Hi Ladka Sa Main Nikal Aaya

Daur-E-Wabastagi Guzar Ke Main, Ahad-E-Wabastagi Ko Bhool Gaya
Yani Tum Woh Ho, Waqai, Hadd Hai, Main To Sachmuch Sabhi Ko Bhool Gaya

Rishta-E-Dil Tere Zamane Mein, Rasm Hi Kya Nibhani Hoti
Muskuraye Hum Usse Milte Waqt, Ro Na Padte Agar Khushi Hoti

Dil Mein Jinka Nishaan Bhi Na Raha, Kyun Na Chehron Pe Ab Woh Rang Khile
Ab To Khali Hai Rooh, Jazbo Se, Ab Bhi Kya Hum Tapaak Se Mile

Sharm, Dehshat, Jhijhak, Pareshani, Naaz Se Kaam Kyon Nahi Leti
Aap, Woh, Ji, Magar Yeh Sab Kya Hai, Tum Mera Naam Kyon Nahi Leti
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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